सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पंक्तियां.... "सवाल एक गुनाह"

 

आप किसानों से किसान होने का सबूत माँगिए 

हम पीछे से नारा लगाएँगे "भारत माता की जय"


आप विद्यार्थियों से विद्यार्थी होने का सबूत माँगिए 

हम पीछे से नारा लगाएँगे "भारत माता की जय"


आप नागरिकों से भी नागरिक होने का सबूत माँगिए 

हम फिर पीछे से नारा लगाएँगे "भारत माता की जय"


यह नया हिंदुस्तान है 

यहाँ सबूत आगे रहकर

सवाल करने वालों से माँगे जाते हैं, 

पीछे के नारे लगाने वालों से नहीं!


ताकि,

सवाल करना गुनाह बन जाए 

और पीछे से नारे लगाना "वतन-परस्ती"

                 ~ मुकेश मेघ





टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Arattai v/s whatshap

अरट्टै (Arattai) ऐप और WhatsApp: अक्टूबर 2025 तक की पूरी जानकारी और तुलना अरट्टै (Arattai) ऐप और WhatsApp: अक्टूबर 2025 तक की पूरी जानकारी और तुलना 1. अरट्टै ऐप की पूरी जानकारी (Latest: अक्टूबर 2025) मूल और विकास: यह एक "मेड इन इंडिया" मैसेजिंग ऐप है, जिसे चेन्नई स्थित **ज़ोहो कॉर्पोरेशन (Zoho Corporation)** ने बनाया है। नाम का अर्थ: 'अरट्टै' शब्द तमिल भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है **"सामान्य बातचीत"** या "गपशप"। लॉन्च: इसे जनवरी 2021 में लॉन्च किया गया था। गोपनीयता नीति: ज़ोहो की दृढ़ प्रतिबद्धता है कि यह उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत डेटा का उपयोग विज्ञापन के लिए नहीं करेगा। यह "डेटा संप्रभुता" (Data Sovereignty) पर केंद्रित है। डेटा होस्टिंग: ऐप का सारा डेटा भारत-स्थित सर्वरों पर स्टोर किया जाता है। हालिया वृद्धि (अक्टूबर 2025): सरकारी मंत्रियों के सार्वजनिक समर्थन के बाद सितंबर 2025 के अंत मे...

जोहो कॉर्पोरेशन की अनोखी कहानी

गाँव से ग्लोबल टेक दिग्गज तक: जोहो कॉर्पोरेशन की अनोखी कहानी गाँव से ग्लोबल टेक दिग्गज तक: जोहो कॉर्पोरेशन की अनोखी कहानी अगर आप टेक्नोलॉजी की दुनिया पर नज़र रखते हैं, तो आपने जोहो कॉर्पोरेशन (Zoho Corporation) का नाम ज़रूर सुना होगा। यह कोई साधारण टेक कंपनी नहीं है। यह भारतीय नवाचार, दृढ़ संकल्प और एक अनोखे व्यावसायिक दर्शन का प्रतीक है। उस दौर में जब हर स्टार्टअप फंडिंग और शहरी चमक-दमक के पीछे भाग रहा था, जोहो ने एक बिल्कुल अलग राह चुनी—और दुनिया को दिखा दिया कि सफलता के लिए सिलिकॉन वैली की ज़रूरी नहीं है, एक मज़बूत **विजन** काफ़ी है। I. संस्थापक, कहानी और विज़न: श्रीधर वेंबू जोहो की कहानी इसके संस्थापक श्रीधर वेंबू के असाधारण विज़न से शुरू होती है। श्रीधर वेंबू: IITian से पद्म श्री तक श्रीधर वेंबू **आईआईटी मद्रास** से ग्रेजुएट हैं और अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी किए हुए हैं। उन्होंने अमेरिका में एक आरामदायक जीवन छोड़ दिया और भारत वापस आकर 1996 में **एडवेंटनेट (AdventNet)** नाम से कंपनी की शुरुआत की, जो बाद में ...