क्रोध को जिसने जीता है
जिनकी भार्या सीता है
जो भरत, शत्रुघ्न, लक्ष्मण के हैं भ्राता
जिनके चरणों में हैं हनुमंत लला
वो पुरुषोतम राम हैं
ऐसे मर्यादा पुरुषोत्तम राम को कोटि-कोटि प्रणाम है
राम आगमन की शुभकामनाएं
बनता है हर काम
राम तुम्हारे चरणों में,
करते है बारम्बार
प्रणाम तुम्हारे चरणों में...!!
***
ना मस्जिद्दो से बैर है ना बैर है इस्लाम से
किन्तु तुलना ना होगी बाबर की श्री राम से
कहाँ एक लुटेरा और कहाँ मर्यादा परुसोत्तम श्री राम !
जय श्री राम
राम नाम की पहचान है
राम ही ज्ञान है,
दशकों से हमारे गौरव के
श्री राम ही प्रतिमान है !!
गरज उठे गगन सारा
समुन्द्र छोड़े अपना किनारा
हिल जाये जहाँ सारा
जब गूंजे जय श्री राम का नारा...!!
मैं तीर्थो का राजा, यग का आगाज हूँ
फैज़ाबाद नहीं अब मैं राजा राम का अयोध्या हूँ !
जय श्री राम
श्री राम जी की धुन में जिए जा रहे है,
हर पल मुस्कराहट लिए काम किये जा रहे...!!
श्री राम
यूँ ही मेरे मुस्कुराने की
आप वजह बने रहना
मेरी मुश्किलों में आप
मेरा विश्वास बने रहना...!!
विश्वास अगर राम पर हो तो
कोई हार नहीं सकता
संचार अगर राम ने है तो
कई बिगाड़ नहीं सकता...!!
जीवन की जो थी मुश्किलें
अब वो सभी आसान हो गयी
हर सुख पा लिया मैंने
जब से राम नाम से पहचान हो गयी...!!
राम नाम का अमृत पीकर
करो मुश्किलों का सामना
टूटे जो कभी आस हमारी
राम जी तुम ही हमें थामना...!!
कभी ना रूठे प्रभु राम मुझसे
ऐसा मेरा चरित्र कर दे
दूषित है मन मेरा,
राम प्रेम से अपने पवित्र कर दे...!!
छोड़ो अब ये नारे वारे
मिलकर अब हुंकार भरो
अवध धाम की ओर कदम बढ़ाओ
मंदिर का निर्माण करो...!!
जय श्री राम


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